नए ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद गुरुग्राम में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले बढ़े
नए ट्रैफिक नियम लागू होने के बाद वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाले बढ़ गए हैं। इससे हर माह बनवाए जाने वाले डीएल की संख्या में नियम लागू होने से पहले बनवाए जाने वाले डीएल की संख्या में तकरीबन पचास फीसदी का इजाफा हुआ है। वहीं ऐसे उम्रदराज लोगों ने जिन्होंने अब तक लाइसेंस नहीं बनवाया था, उन्होंने भी आवेदन किया है। ऐसे में साफ है कि अब चालान की भारी भरकम राशि से बचने के लिए लोग नियमों का पालन करने के लिए आगे आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक हर महीने में गुरुग्राम प्राधिकरण द्वारा दस हजार से ज्यादा लोगों के लाइसेंस बनाए जा रहे हैं, जबकि चालान की नई दरें लागू होने से पहले हर महीने सात हजार के आसपास ही लाइसेंस बनाए जा रहे थे। प्राधिकरण तैनात अधिकारियों के अनुसार संख्या में इजाफा सिर्फ और सिर्फ भारी भरकम राशि से बचने के लिए बनवा रहे हैं।
पांच महीने में बने 52 हजार लाइसेंस : प्राधिकरण के रिकॉर्ड अनुसार सितंबर 2019 से जनवरी 27 तक 52084 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए हैं। इनमें लर्निंग लाइसेंस 21740 युवाओं ने बनवाए हैं। इसके अलावा 30340 लोगों ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाएं है। ऐसे में साफ है कि नई राशि लागू होने के डर से ही लोगों ने लाइसेंस बनवाने में ज्यादा समझदारी दिखाई।
आठ महीने में बने थे 63 हजार लाइसेंस : प्राधिकरण के रिकॉर्ड अनुसार जनवरी से अगस्त 2019 तक 63349 लोगों द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए गए थे। इसमें लर्निंग लाइसेंस 24833 और ड्राइविंग लाइसेंस 38461 लोगों ने बनवाए थे। इसके अनुसार हर महीने में 7918 लोग लाइसेंस बनवाने के लिए आते थे, यानी हर रोज 266 लोग आवेदन करते थे। लेकिन सितंबर से हर रोज 336 से ज्यादा लोग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं।
आंकडे़
जनवरी से अगस्त 2019
लर्निंग डीएल कुल
24833 38461 63349
सितंबर 2019 से जनवरी 2020
लर्निंग डीएल कुल
21740 30340 52084
बिना लाइसेंस मिलने पर पांच हजार का चालान
सितंबर 2019 से चालान की नई राशि तय होने के बाद से अब लाइसेंस नहीं मिलने पर पांच हजार का जुर्माना लगेगा, जबकि पहले लाइसेंस नहीं होने पर 500 रुपये का जुर्माना था। सितंबर में पुलिस द्वारा चालान काटे जाने के बाद से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में वृद्धि हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि कई उम्रदराज लोग भी अपना पहली बार लाइसेंस बनवाने आ रहे है।